आकाशवाणी
मंचीय कविता

मंच और मैं

मंच मुझे बुलाता है अपनी ओर, मैं शब्दों का साम्राज्य लेकर चलता हूँ। हर लाइन में बसा है एक देश, हर कविता में धड़कता है मेरा दिल।

A reflection on the bond between a performer and the stage.